मध्य प्रदेश में थमी तेज बारिश, 3 दिन राहत के आसार; इन 4 जिलों में बरसेंगे बदरा
भोपाल: मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां फिलहाल सुस्त पड़ गई हैं। बुधवार को राज्य के अधिकांश जिलों में आसमान साफ रहा और कड़क धूप खिली रही, जिससे किसी भी हिस्से में भारी वर्षा दर्ज नहीं की गई। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आगामी तीन दिनों तक मौसम का मिजाज इसी प्रकार बने रहने के आसार हैं। गुरुवार को राज्यभर में मूसलाधार बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है, हालांकि शुक्रवार को उमरिया, मंडला, बालाघाट और डिंडौरी जिलों में मध्यम से भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
प्रदेश में कोई मजबूत मौसमी प्रणाली सक्रिय नहीं
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, वर्तमान में मध्य प्रदेश के ऊपर वर्षा कराने वाली कोई प्रभावी मौसमी प्रणाली (स्ट्रॉन्ग सिस्टम) सक्रिय नहीं है। यद्यपि पश्चिमी क्षेत्र में एक चक्रवाती हवाओं का घेरा (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) निर्मित हुआ है, परंतु इसका व्यापक असर प्रदेश पर देखने को नहीं मिल रहा है। गुरुवार को अधिकांश क्षेत्रों में धूप खिली रहेगी, जबकि कुछ स्थानों पर हल्की बौछारें पड़ने का अनुमान है।
13 सितंबर से पश्चिमी मध्य प्रदेश में बढ़ेगी वर्षा की रफ्तार
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 13 सितंबर से पश्चिमी मध्य प्रदेश के जिलों में एक बार फिर वर्षा की गतिविधियों में तेजी आने का पूर्वानुमान है। इसके बाद ही राज्य के कई हिस्सों में रुक-रुक कर हो रही बारिश का दायरा बढ़ेगा।
राज्य के 32 जिलों में सामान्य से कम बारिश का आंकड़ा
प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों क्षेत्रों के कई जिलों में वर्षा का आंकड़ा सामान्य से काफी पीछे छूट गया है। पूर्वी क्षेत्र के बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में 5 से 25 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है। वहीं, पश्चिमी भाग के कई जिलों में वर्षा का घाटा 7 से 55 प्रतिशत के बीच बना हुआ है।
23 जिलों में कोटा पूरा, सामान्य से अधिक बरसे बादल
इसके विपरीत, अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी सहित 23 जिलों में अब तक सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है।
जून महीने की कमी का असर अब भी बरकरार
मानसून की शुरुआत यानी जून माह में मध्य प्रदेश में सामान्य से लगभग 14 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई थी। यद्यपि जुलाई और अगस्त के महीनों में अच्छी बारिश हुई, परंतु जून की इस शुरुआती कमी की पूरी तरह भरपाई नहीं हो सकी। वर्तमान मानसून सीजन में अब तक पूरे राज्य में कुल मिलाकर सामान्य से लगभग 7 प्रतिशत कम वर्षा हुई है, जबकि प्रदेश में औसत वर्षा का आंकड़ा 37.3 इंच माना जाता है।
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