लापरवाही बर्दाश्त नहीं: 23 शिक्षकों पर कार्रवाई, जवाब तलब
मुरैना | मध्यप्रदेश में जनगणना 2027 के पहले चरण के कार्यों में कोताही बरतने वाले सरकारी कर्मचारियों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मुरैना नगर निगम के आयुक्त एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी ने कर्तव्य के प्रति लापरवाही दिखाने पर 23 शिक्षकों एवं अन्य कर्मियों को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किया है।
ड्यूटी से नदारद रहे प्रगणक और पर्यवेक्षक
प्रशासन द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, इन कर्मचारियों को 1 मई, 2026 से शुरू हुए जनगणना के प्रथम चरण के फील्ड कार्य के लिए प्रगणक (Enumerator) और पर्यवेक्षक (Supervisor) के रूप में नियुक्त किया गया था।
नोटिस में उल्लेखित मुख्य बिंदु:
-
फील्ड से अनुपस्थिति: कार्य शुरू होने के तीन दिन बाद भी संबंधित कर्मचारी न तो कार्यस्थल पर उपस्थित हुए और न ही उन्होंने प्रशासनिक केंद्र से जनगणना किट प्राप्त की।
-
कानूनी उल्लंघन: निगम प्रशासन ने इसे जनगणना अधिनियम 1948 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन माना है।
सख्त सजा और जुर्माने की चेतावनी
नगर निगम कमिश्नर ने स्पष्ट संदेश दिया है कि राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नोटिस में उल्लेख है कि:
"लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के पास स्पष्टीकरण देने के लिए केवल 24 घंटे का समय है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई के लिए मामला वरिष्ठ कार्यालय को प्रेषित किया जाएगा, जिसमें जुर्माना और विभागीय सजा का प्रावधान है।"
नोटिस पाने वाले प्रमुख नाम
कुल 23 कर्मचारियों में शिक्षा, महिला बाल विकास और अन्य विभागों के कर्मी शामिल हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
-
रणवीर सिंह सेमिल (सहायक शिक्षक, छोदा)
-
अनीता शर्मा व समीक्षा (कार्यकर्ता, महिला बाल विकास)
-
आशीष दोनोरिया (शासकीय गर्ल्स स्कूल क्र. 1)
-
स्वीटी जैन (व्याख्याता, पॉलिटेक्निक कॉलेज)
-
भरत कुमार सिंघल (सहायक शिक्षक, ब्लॉक शिक्षा कार्यालय)
-
भावना परिहार (सहायक ग्रेड 3, कृषि विभाग)
0 Response to "लापरवाही बर्दाश्त नहीं: 23 शिक्षकों पर कार्रवाई, जवाब तलब"
Post a Comment
For any queries, feel free to contact us.