‘सनातन अमृत है लेकिन कुछ अधिकारियों को हजम नहीं’, नरोत्तम मिश्रा भड़के IAS संतोष वर्मा पर

‘सनातन अमृत है लेकिन कुछ अधिकारियों को हजम नहीं’, नरोत्तम मिश्रा भड़के IAS संतोष वर्मा पर

शिवपुरी।  मध्य प्रदेश के शिवपुरी में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की श्रीमद्भागवत कथा चल रही है. बाबा बागेश्वर के कार्यक्रम में शुक्रवार को पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा शामिल हुए. पूर्व गृह मंत्री ने मंच से ही IAS संतोष वर्मा पर जमकर निशाना साधा. ऐसे लोग जो समाज को तोड़ने का कार्य करते हैं, ऐसे लोगों की हम खुले मंच से कड़ी निंदा करते हैं।

‘कार्रवाई की जानी चाहिए’

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मातृशक्ति पर कोई उंगली उठाता है तो बहुत पीड़ा होती है. एक संतोष वर्मा नाम का IAS अधिकारी है, उसने हमारी बेटियों के लिए ऐसे शब्द कह दिए कि मन पीड़ा से भर गया. हमने तो सरकार से आह्वान किया, इस पर कार्रवाई की जानी चाहिए. यदि कोई कार्रवाई नहीं होती है तो हम सनातन वालों से कह देंगे कि आप बता दो क्या कार्रवाई करनी है. ऐसे लोग जो समाज को तोड़ने का कार्य करते हैं, ऐसे लोगों की हम खुले मंच से कड़ी निंदा करते हैं।

‘कुछ लोगों को अमृत हजम नहीं होता’

उन्होंने आगे कहा कि महाराज (बाबा बागेश्वर) आपने तो नारा दिया है कि जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई. समाज के अंदर कुछ ऐसे लोग हैं, जिन्हें ये बात समझ नहीं आ रही है. कुछ लोगों को अमृत हजम नहीं होता है. जैसे आयुर्वेद में देसी शहद को अमृत माना जाता है लेकिन कुत्ता यदि उसको चाट ले तो मर जाता. देसी गाय के घी को अमृत माना गया है, मक्खी चाट ले तो मर जाती है. ऐसी ही हमारे यहां नीम को हकीम माना गया है. कौआ पेड़ पर बैठता है और नीम के फल को खा ले तो मर जाता है. इसी तरह मिश्री को गधा खा ले वह भी मर जाता है. ये चारों चीजें अमृत हैं, लेकिन गधे, कुत्ते, कौआ और मक्खी को हजम नहीं होता है. उन्होंने आगे कहा कि सनातन अमृत है, लेकिन इस तरह के अधिकारियों को अमृत हजम नहीं होता है. सनातन विरोधियों को अमृत भी हजम नहीं होता है।

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