जनता की सेवा और दीन-दुखियों की सहायता ही जनप्रतिनिधि का वास्तविक धर्म : राज्यमंत्री गौर

जनता की सेवा और दीन-दुखियों की सहायता ही जनप्रतिनिधि का वास्तविक धर्म : राज्यमंत्री गौर

भोपाल : पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने कहा है कि जनकल्याण और जनसेवा से बढ़कर संसार में कोई दूसरा पुण्य कार्य नहीं है। समाज के निर्धन और वंचित वर्ग की नि:स्वार्थ सहायता करना, उनके सुख-दुख में सहभागिता निभाना तथा उनकी समस्याओं का त्वरित एवं संवेदनशील निवारण करना ही एक सच्चे जनप्रतिनिधि की वास्तविक पहचान और उसका परम कर्तव्य है। उन्होंने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में केंद्र सरकार चहुंमुखी विकास के साथ लोक-कल्याण के संकल्प को निरंतर चरितार्थ कर रही है। राज्यमंत्री गौर प्रधानमंत्री मोदी सरकार के गौरवमयी 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित विभिन्न विकास एवं कल्याणकारी कार्यक्रमों को संबोधित कर रही थीं।

राज्यमंत्री गौर ने बावड़ियाकला स्थित इंडस गार्डन फेस-1 में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत पौध-रोपण किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल एक औपचारिकता नहीं, अपितु पर्यावरण संरक्षण का एक सशक्त और जीवंत माध्यम है। तीव्र शहरीकरण के इस दौर में भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए वृक्षारोपण की आवश्यकता अपरिहार्य हो गई है। राज्यमंत्री गौर ने युवा पीढ़ी से इस अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए सचेत किया कि व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए हरियाली का विनाश प्राकृतिक आपदाओं और जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर विभीषिकाओं को आमंत्रण दे रहा है।

राज्यमंत्री गौर ने वार्ड-68 के किरण नगर और निजामुद्दीन कॉलोनी में आयोजित नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का अवलोकन किया। उन्होंने समाज के जरूरतमंद और निर्धन परिवारों की महिलाओं को सम्मानपूर्वक साड़ियां वितरित कीं। स्वास्थ्य शिविर में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति (अंत्योदय) तक विकास की मुख्यधारा और लोक-कल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना ही प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

कार्यक्रम में सुमोनिका ठाकुर, पार्षद शीला पाटीदार, अर्चना परमार, प्रताप वारे, धर्मेंद्र परिहार, पार्षद उर्मिला मोर्य, लवकुश यादव, भीकम सिंह बघेल, देवेंद्र योगी, जे.पी. पाल सहित बड़ी संख्या में स्थानीय मातृशक्ति, प्रबुद्ध जन और नागरिक उपस्थित रहे।

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