भ्रष्टाचार के आरोपों में आकंठ लिप्त सीएमओ  इशांक धाकड़ की विदाई.......

भ्रष्टाचार के आरोपों में आकंठ लिप्त सीएमओ इशांक धाकड़ की विदाई.......

RBUS और ' द फाइनल ड्राफ्ट' की मुहिम हुई सफल

अजय सिंह कुशवाह,शिवपुरी-     शिवपुरी नगरपालिका के सर्वाधिक विवादित सीएमओ में से एक रहे इशांक धाकड़ से आखिरकार शिवपुरी का पिंड छूट गया। शुक्रवार देर शाम इशांक की विदाई की घड़ी आई जब नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे के हस्ताक्षर से निकले आदेश से सीएमओ धाकड़ को मुरैना नगरपालिक निगम में सहायक आयुक्त के रिक्त पद पर स्थानांतरित कर दिया गया। इशांक की विदाई के साथ ही 'राष्ट्रीय भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति' एवं  ' द फाइनल ड्राफ्ट' की भ्रष्टाचार  के विरुद्ध छिड़ी मुहिम का संकल्प पूर्ण हुआ।

सीएमओ इशांक धाकड़ का शिवपुरी कार्यकाल अत्यंत विवादित रहा। फर्जी सड़क मामले में करोड़ों के भ्रष्टाचार के मामले में इन्हें निलंबित किया जा चुका था किंतु उच्चन्यायालय खंडपीठ जबलपुर से स्टे प्राप्त कर धाकड़ पुनः शिवपुरी में जमे हुए थे। सीएमओ धाकड़ द्वारा नगर पालिका शिवपुरी में किए गए भ्रष्टाचार की जांच तत्कालीन कलेक्टर शिवपुरी द्वारा की जाकर कार्यवाही का प्रस्ताव प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन एवं निकाय वल्लभ भवन भोपाल भेजा जा चुका था। किंतु  राजनैतिक पहुंच के चलते इशांक धाकड़ की दादागिरी ने  शिवपुरी की जनता का जीना मुहाल कर दिया था।

भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे रहे धाकड़

    अपने शिवपुरी कार्यकाल में सीएमओ धाकड़ अत्यधिक विवादों में घिरे रहे। सड़क के फर्जीवाड़े में करोड़ों की हेराफेरी के आरोप में धाकड़ निलंबित रह चुके हैं किंतु न्यायालय से स्थगन लेकर शिवपुरी में लगातार विवादों में बने रहे। अप्रैल में नपा के बहुचर्चित रिश्वतकांड में नाम आने के बाद लोकायुक्त द्वारा इस विवादित सीएमओ को भी मामले में सह आरोपी बनाया गया है। लोकायुक्त द्वारा सीएमओ धाकड़ की निलंबन और बहाली की बहुचर्चित प्रणाली की जांच भी की जा रही है। ऐसा माना जा रहा है कि यदि जांच ईमानदारी से की गई तो सीएमओ धाकड़ का नपना तय है।
     सड़क भ्रष्टाचार के गंभीर मामले में भी इन्हें उच्चन्यायालय द्वारा आरोपी बनाने के मामले में भी सुनवाई अभी चल रही है।इस मामले में नगरपालिका के दो इंजीनियर्स और एक ठेकेदार सीएमओ इशांक धाकड़ की जुगाड़कारी कार्यशैली की बलि चढ़ गये और ये साफ बच निकले।
    हाल ही मैं नगरपालिका में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती में सारे नियम कायदे ताक पर रखकर ऐसे पदों पर भर्ती कर डाली जो पद नियमानुसार स्वीकृत ही नहीं थे। इन पदों पर भर्ती में ना तो कोई विज्ञप्ति लगाई गई,ना ही कोई चयन समिति का गठन किया गया और नहीं की आवेदन या साक्षात्कार प्रक्रिया अपनाई गई। नपा में किसी प्रकार की भर्ती प्रक्रिया में पीआईसी और परिषद की अनुमति और अनुमोदन की प्रक्रिया संवैधानिक होती है किंतु सीएमओ धाकड़ द्वारा परिषद और पीआईसी को ठेंगा दिखाकर इन कर्मचारियों की नियुक्ति बेधड़क कर दी गई। मेला संचालन को सीएमओ धाकड़ निरंतर विवादों में घिरे रहे।

आसान नहीं होंगी सीएमओ धाकड़ की राहें

    सीएमओ धाकड़ के प्रस्थान के बाद एक अत्यंत विवादास्पद नपा कार्यकाल का पटाक्षेप तो  हो गया किंतु सीएमओ धाकड़ के भ्रष्टाचार भरे कार्यकाल के परिणामों को शिवपुरीवासी लम्बे समय तक याद रखेंगे । सीएमओ धाकड़ के बेलगाम फर्जीबाड़े के खिलाफ खड़ी जांचें और कानूनी प्रक्रियाएं उनके रास्तों को आसान नहीं रहने देंगी,सुनिश्चित है...!

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