अल्पविराम की अवधारणा जीवन और कार्य के संतुलन के लिये अत्यंत आवश्यक : अर्गल

अल्पविराम की अवधारणा जीवन और कार्य के संतुलन के लिये अत्यंत आवश्यक : अर्गल

भोपाल : दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान, पटना में तीन दिवसीय ‘अल्पविराम’ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार सरकार के विभिन्न विभागों से कुल 42 वरिष्ठ अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता की। प्रतिभागियों में संयुक्त सचिव, उप सचिव, अवर सचिव एवं सहायक निदेशक स्तर के अधिकारी शामिल रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ बिहार सरकार के महानिदेशक-सह-मुख्य जांच आयुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग तथा राज्य आनंद संस्थान, मध्यप्रदेश शासन के पूर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अखिलेश अर्गल के प्रेरणादायी संबोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में ‘खुशहाल राज्य’ की दिशा में किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने ‘अल्पविराम’ की अवधारणा को जीवन और कार्य के संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।

कार्यशाला में प्रतिभागियों को आत्मचिंतन, तनाव प्रबंधन, कार्य-जीवन संतुलन एवं आंतरिक प्रसन्नता से जुड़े विषयों पर अनुभवात्मक सत्रों के माध्यम से मार्गदर्शन प्रदान किया गया। सत्रों का संचालन डॉ. सुधीर आचार्य, साधना श्रीवास्तव, सुश्री श्रद्धा ठाकुर एवं श्री प्रदीप महतो द्वारा प्रभावशाली एवं सहभागी शैली में किया गया, जिससे कार्यक्रम अत्यंत जीवंत, संवादात्मक एवं सार्थक बना।

यह ‘अल्पविराम’ कार्यक्रम बिहार सरकार के अधिकारियों के लिए आत्म-विकास, मानसिक शांति एवं सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी पहल सिद्ध हुआ।

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