मध्यप्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति बना एड्स करप्शन समिति.......
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को शिकायत प्राप्त हुई थी जिसकी जांच करके प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश समिति कार्यालय को स्वास्थ्य संचालनालय द्वारा दिए गए किन्तु उनके पद में बने रहने के कारण जांच समिति कोई कार्य कर ही नहीं पा रही।
डॉ.साब को समिति के वरिष्ठ अधिकारियों का वरद हस्त तथा राजनैतिक संरक्षण प्राप्त होने के कारण इनके विरुद्ध प्राप्त गंभीर शिकायतों की जांच भी दबा दी जाती हैं। जिस कार्य में उनका कोई व्यक्तिगत लाभ नहीं होता उन कार्यों को होने नहीं देते या इतना विलम्ब कर देते हैं कि उस कार्य का महत्व ही ख़त्म हो जाता है।
डॉ.साब ने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए गलत तरीके से स्वयं के NPA का भुगतान स्वयं ही प्राप्त कर लिया था जिसकी जानकारी मिलने पर तत्कालीन परियोजना संचालक श्रीमती सुरभि गुप्ता वरिष्ठ IAS अधिकारी द्वारा उस NPA राशि की रिकवरी कराई गई। दोबारा फिर संयुक्त संचालक का प्रभार मिलते ही उनके द्वारा यह भुगतान स्वीकृत कर प्राप्त कर लिया गया। साथ ही डॉ. आदर्श शुक्ला एवं उनकी पत्नी डॉ.आभा शुक्ला दोनों एक ही विभाग में पदस्थ हैं, भोपाल में एक ही आवास में रहते हैं लेकिन दोनों के द्वारा मकान भाड़ा भत्ता प्राप्त किया जा रहा है। जबकि शासन के स्पष्ट नियमों के अनुसार पति-पत्नी में से कोई एक ही व्यक्ति इसके लिए पात्र होता है।
एड्स जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम के लिए सबसे जरूरी कार्य जैसे एच.आई.वी जाँच किट, उपचार के लिए आवश्यक टेस्ट किट, आदी की खरीदी भी उनके द्वारा प्रभावित हो रही हैं। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी इसकी जानकारी है यही नहीं आयुष्मान भारत अंतर्गत भी इनके विरुद्ध विभागीय जाँच संचालित की गई थी जिसके चलते इनकी सेवाएं स्वास्थ्य विभाग को वापस कर दी गई थी।
महत्वपूर्ण यह है कि एड्स समिति में इनकी प्रतिनियुक्ति अवधि दिनांक 06 मई 2026 को समाप्त हो रही है। समिति की अपर संचालक द्वारा इसके सम्बन्ध में परियोजना संचालक को अवगत कराते हुये इनकी प्रतिनियुक्ति अवधि नहीं बढ़ाये जाने हेतु अनुरोध किया था किन्तु उसके बावजूद वर्तमान परियोजना संचालक द्वारा उनकी प्रतिनियुक्ति अवधि 01 वर्ष बढ़ाने की अनुशंसा का पत्र आयुक्त, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा को भेज दिया गया। सूत्र इसका कारण पी.डी. महोदय की प्रसन्नता के दो कारणों को बता रहे हैं, पहला कि समिति में इतनी अलप अवधि की नियुक्ति के दौरान श्रीमानजी ने 10 से 12 करोड़ के भुगतान करने का नया कीर्तिमान रच दिया है और दूसरा जो उन्होंने हाल ही में भोपाल के एक अति पॉश क्षेत्र में भव्य बंगला खरीदने के बाद प्राप्त हुई है जिसके लिए हम भी उन्हें बधाई देते हैं।
ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्यवाही न करते हुए उन्हें उपकृत किया जा रहा है। अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि डॉ.आदर्श महेश शुकला की मध्य प्रदेश राज्य एड्स नियन्त्रण समिति में प्रतिनियुक्ति तत्काल समाप्त करते हुए इनके विरुद्ध प्राप्त शिकायतों पर विभाग द्वारा उच्च स्तरीय जांच और कार्यवाही की जाती है या डॉ.साब प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली जाते पी.डी.साब को अभूतपूर्व विदाई और आने वाले नए पी.डी. महोदय की स्वागत व्यस्थाओं में व्यस्त हो जाएंगे।
JahnviNews द्वारा पूछे जाने पर आज तक किसी भी उच्च अधिकारी ने इस मुद्दे पर कोई भी प्ररिक्रिया नहीं दी है। हम उनकी प्रतिक्रिया को भी प्रमुखता से प्रकाशित करने के लिए उत्सुक हैं।



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